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‘कुकुरदेव मंदिर’ जहां होती है कुत्ते की पूजा

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Posted by : Taaza Khabar News on | May 02,2015

‘कुकुरदेव मंदिर’ जहां होती है कुत्ते की पूजा

छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में एक विशेष तरह का मंदिर है, यह मंदिर किसी देवी-देवता का नहीं बल्कि कुत्ते का है। मंदिर में एक कुत्ते की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर से जुड़ी यह मान्यता है कि इसके प्रदक्षिणा से कुकुर खांसी व कुत्ते के काटने से कोई रोग नहीं होता। ‘कुकुरदेव मंदिर’ राजनंदगांव के बालोद से छह किलोमीटर दूर मालीघोरी खपरी गांव में है।
 
यह मंदिर दरअसल भैरव स्मारक है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है। मंदिर के शिखर के चारों ओर दीवार पर नागों का अंकन किया गया है। इस मंदिर का निर्माण हालांकि फणी नागवंशी शासकों द्वारा 14वीं-15 वीं शताब्दी में कराया गया था। इस मंदिर के प्रांगण में स्पष्ट लिपियुक्त शिलालेख भी है, जिस पर बंजारों की बस्ती, चांद-सूरज और तारों की आकृति बनी हुई है। राम लक्ष्मण और शत्रुघ्न की प्रतिमा भी रखी गई है। मंदिर के प्रांगण में कुत्ते की प्रतिमा भी स्थापित है।

 ऑरःhttp://taazakhabarnews.in/कुकुरदेव-मंदिर-जहां-होती/

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